वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि पर मंगलवार सुबह विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त देर रात से ही कतार में लगकर अपने इष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे। तड़के सुबह चार बजे बाबा महाकाल का जागरण हुआ, जिसके बाद उनका अलौकिक श्रृंगार कर भस्म अर्पित की गई। इस दौरान मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
आज के श्रृंगार की विशेषता यह रही कि बाबा महाकाल का भांग से विशेष श्रृंगार किया गया। उनके मस्तक पर त्रिपुंड और त्रिशूल अंकित कर भस्म अर्पित की गई। इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर हजारों भक्तों ने आशीर्वाद प्राप्त किया और ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष किए। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं