
बैसाखी पर्व पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। पर्वतीय क्षेत्रों से देवडोलियां अपने नेजा निशान के साथ गंगा स्नान के लिए घाट और तटों पर पहुंची। इस दौरान गंगा घाट पर देवडोलियों का मिलन हुआ।
ढोल दमाऊ की धुन पर घाट पर देवडोलियां जमकर खेलीं। घाट पर देवडोलियों के पुजारियों पर पाश्वा अवतरित हुए। देवडोलियों के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी।
मंगलवार सुबह से ही बैसाखी पर्व पर गंगा में स्नान के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। त्रिवेणीघाट, लक्ष्मणझूला, मुनि की रेती, स्वर्गाश्रम, रायवाला और श्यामपुर क्षेत्र में सुबह से अपराह्न तक गंगा में स्नान के लिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही रही।
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर जरूरतमंद लोगों को अन्न, धन आदि वितरित किए। बैसाखी पर्व पर लोगों ने अपने घरों पर विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए। इस दौरान लोगों ने चैत्रमास में घरों की दहलीज पर फूल रखने वाली कन्याओं को प्रसाद वितरित कर बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दी।