वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज की प्रस्तावित पदयात्रा अचानक स्थगित हो गई और वे भक्तों के दर्शन दिए बिना यमुना किनारे एकांतवास के लिए निकल गए। सुबह शुरू होने वाली यात्रा के बजाय वह कार से आश्रम से रवाना होकर शाम तक यमुना तट की कुटिया में सेवकों के साथ रहे।

Sant premanand Maharaj Skips Scheduled Padayatra, Retreats to Yamuna Riverside Seclusion

दस दिन के बाद संत प्रेमानंद महाराज की शुक्रवार से रमणरेती स्थित आश्रम से सौभरि वन तक पदयात्रा शुरु होनी थी लेकिन संत अपने अनुयायियों को बिना दर्शन दिए कार से यमुना किनारे एकांतवास में चले गए।

यमुना किनारे बनीं कुटिया में वह सुबह से देर शाम तक सेवकों के साथ रहे। रमणरेती स्थित संत प्रेमानंद के आश्रम श्रीहित राधाकेलि कुंज द्वारा बताया गया कि संत दस दिनो के बाद शुक्रवार तड़के यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। तीन बजे सौभरि वन में संत दर्शन भक्तों को होंगे, लेकिन शुक्रवार सुबह अचानक कार्यक्रम में बदलाव हो गया।

संत प्रेमानंद महाराज पदयात्रा कर सौभरि वन नहीं पहुंचे। वह कार से सुबह नौ बजे यमुना किनारे एकांतवास के लिए आश्रम से निकले। यमुना तट पर बनी कुटिया पर संत प्रेमानंद अपने सेवकों के साथ शाम छह बजे तक एकांतवास में रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand