
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को राम जन्मभूमि थाने तक मार्च किया। अधिवक्ता संघ ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित अन्य पदाधिकारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने वकीलों को रोकने का प्रयास किया लेकिन बाद में उनकी तहरीर स्वीकार कर ली गई।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा की घोषणा के बाद बृहस्पतिवार सुबह वकीलों की बैठक हुई। इसमें थाना राम जन्मभूमि में रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। हजारों की संख्या में वकील पैदल ही थाने की ओर निकले। पुलिस ने आयुक्त आवास और प्रेस क्लब के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वकील पुलिस सुरक्षा तोड़कर आगे बढ़ गए। पुलिस अधीक्षक नगर चक्रपाणि और सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया पर वकील थाने की ओर बढ़ते रहे। सिविल लाइंस पुलिस चौकी के पास भारी पुलिस बल ने उन्हें रोका। थाना राम जन्मभूमि के प्रभारी सुमित श्रीवास्तव को मौके पर बुलाकर अधिवक्ता संघ की तहरीर प्राप्त की गई। उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश शांत हुआ। अधिवक्ता संघ की कमेटी के सदस्यों ने थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की, जिस पर उन्हें जन सुनवाई की पीली पर्ची क्रम संख्या 376 दी गई।
अधिवक्ताओं की भावनाएं आहत
तहरीर में यह भी कहा गया है कि अधिवक्ता संघ के हजारों सदस्यों ने राम मंदिर निर्माण आंदोलन में भाग लिया था। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए धन दान भी दिया है। श्रीराम और उनके मंदिर से उनकी आस्था और निष्ठा पुरानी है। श्रद्धालुओं की रकम की चोरी से संघ और उसके सदस्यों की भावनाएं आहत हुई हैं।