अयोध्या राम मंदिर की दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर उज्जैन के संतों ने ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को जिम्मेदार ठहराते हुए एसआईटी जांच की मांग की।

अयोध्या राम मंदिर में दान राशि में कथित गड़बड़ी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। उज्जैन के साधु-संतों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर सीधा निशाना साधा है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ, जूना अखाड़ा और स्वस्तिक पीठ के संतों ने चंपत राय को जिम्मेदार ठहराते हुए SIT से सख्त जांच की मांग की है। वहीं कुछ दिनों पहले पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने भी चंपत राय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज उज्जैन में पत्रकारों के सवालों से बचते नजर आए।
राम मंदिर निर्माण के लिए आए चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर उज्जैन से संत समाज की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पुजारी ने कहा, चंपत राय चाहे कहें कि मेरा लेना-देना नहीं है, लेकिन जो पद पर बैठा है, अध्यक्ष या सचिव है, वही जवाबदार है। उन्होंने मांग की कि SIT चंपत राय और सभी ट्रस्टियों को मुख्य टारगेट बनाकर जांच करे। साथ ही PM मोदी से ट्रस्ट भंग करने और उसमें शहीद कारसेवकों के माता-पिता व बड़े दानदाताओं को शामिल करने की मांग की।
इस पूरे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज उज्जैन आए तो पत्रकारों ने चंदा चोरी पर सवाल किए। लेकिन उन्होंने मुंह पर उंगली रखकर चुप रहने का इशारा किया और बिना जवाब दिए कार में बैठकर रवाना हो गए। संत समाज का कहना है कि अगर अभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो देश के अन्य मंदिरों में भी भ्रष्टाचार बढ़ेगा। छोटे गुनहगार फंसेंगे, बड़े बच जाएंगे।