शुक्र प्रदोष व्रत 12 जून को यानी आज रखा जाएगा। यह अधिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पड़ रहा है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन प्रदोष काल में पूजा के लिए 1 घंटा 44 मिनट का शुभ समय मिलेगा, जो शाम 7:36 बजे से प्रारंभ होगी और 09:20 बजे तक रहेगी। इस पावन मुहूर्त में बेलपत्र, भांग, धतूरा, गंगाजल, अक्षत, पुष्प, फल और चंदन से भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। पूजा के उपरांत प्रदोष व्रत की कथा का श्रवण करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। मान्यता है कि कथा सुनने से व्रत पूर्ण होता है और साधक को उपवास का पूर्ण फल प्राप्त होता है। भगवान शिव की कृपा से जीवन के कार्य सिद्ध होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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