अस्सी घाट पर होने वाली आरती भी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन कराएगा। इसे लेकर जिला प्रशासन ने अस्सी घाट की आरती समितियों के साथ बैठक की। हालांकि समितियों ने इस योजना को स्वीकार करने से इंकार कर दिया है।

Kashi Vishwanath Temple Administration to Conduct Ganga Aarti at Assi Ghat as Well in varanasi

अस्सी घाट की गंगा आरती की भी जिम्मेदारी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन को देने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां भी नमो घाट और ललिता घाट की तर्ज पर वैतनिक अर्चकों से ही गंगा आरती कराने की योजना बनाई जा रही है। अस्सी घाट पर होने वाली दो संध्या आरती एक ही हो जाएगी। इसे लेकर जिला प्रशासन ने मंगलवार को भेलूपुर एसीपी कार्यालय में अस्सी घाट की आरती समितियों के साथ बैठक की। हालांकि समितियों ने इस योजना को स्वीकार करने से इंकार कर दिया है। अब अगली बैठक दो दिन बाद होगी। बैठक में सुबह-ए-बनारस आरती के संचालक नहीं शामिल हुए। 

अस्सी घाट पर सुबह की आरती सुबह-ए-बनारस मंच पर कराई जाती है। वहीं, शाम की दो-दो आरती गंगा सेवा समिति और जान्हवी गंगा सेवा समिति की ओर से कराई जा रही है। सुबह-ए-बनारस की आरती में पैसे लेकर आरती दिखाने के आरोपों का एक वीडियो वायरल होने के बाद ये फैसला लिया जा रहा है। हालांकि, आए दिन भक्तों से गंगा आरती के नाम पर निजी लोगों द्वारा मोटी रकम वसूली जाती रही है और इस पर प्रशासन और पुलिस का अंकुश नहीं लग सका है। गंगा आरती के दौरान घाट, नाव और कुर्सी पर बैठाने के नाम पर भी पैसा लिया जा रहा है। वीडियो भी वायरल हुए हैं।

मंदिर प्रशासन से हुई टेलिफोनिक वार्ता

अब मंगलवार को बैठक में एडीएम प्रशासन आलोक वर्मा और एसीपी गौरव कुमार के साथ मंदिर प्रशासन के अधिकारियों की टेलिफोनिक वार्ता हुई। बैठक में बताया गया है कि गंगा आरती समितियों के ही अर्चक कराएंगे। लेकिन, मंदिर प्रशासन इनको मासिक वेतन देगा। आरती की पूरी जिम्मेदारी मंदिर की रहेगी। बैठक के बाद मंदिर समितियों का कहना है कि प्रशासन से उन्हें लिखित में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। मौखिक बातचीत पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

वहीं, दशाश्वमेध के कुछ ही वर्षों के बाद उनकी भी आरती शुरू हो गई थी, इसे बंद कराना उचित नहीं होगा। इसको लेकर पीएम मोदी तक को चिट्ठी लिखने की बात कही है। प्रशासन लगातार बैठक कर इस समस्या का हल निकालने में जुटा है। प्रशासन का मानना है कि धार्मिक यात्रा पर काशी आने वाले पर्यटकों के साथ हो रही अवैध वसूली पर पुलिस प्रशासन की नजर नहीं है।

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