सितंबर महीने में गुरु प्रदोष व्रत 24 सितंबर को मनाया जाएगा।यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा से जुड़ा है।गुरुवार को पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष कहा जाता है।प्रदोष काल में शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।श्रद्धालु शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करते हैं।कई स्थानों पर भगवान शिव की विशेष आरती होती है।भक्त प्रदोष व्रत की कथा भी सुनते हैं।शिव मंदिरों में शाम के समय श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ सकती है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।देशभर के शिवालयों में इस दिन धार्मिक वातावरण रहेगा।