यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण और अवैध निर्माण को लेकर NGT ने केंद्र और राज्य सरकार सहित कई विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिका में नदी की खराब स्थिति और लगातार हो रहे उल्लंघनों पर गंभीर चिंता जताई गई है, जिसकी अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने यमुना प्रदूषण और नदी के किनारे अवैध निर्माण को लेकर जल संसाधन मंत्रालय, प्रदेश सरकार, मथुरा-वृंदावन नगर निगम, एमवीडीए सहित चार और विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस ब्रज वृंदावन देवालय समिति के संयुक्त सचिव याचिकाकर्ता विजय किशोर गोस्वामी की याचिका पर जारी किए गए हैं, जिसमें वृंदावन और मथुरा में यमुना नदी में लगातार और अनियंत्रित रूप से सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट डाले जाने एवं डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों का मुद्दा उठाया गया है। अगली सुनवाई चार अगस्त होगी।
एनजीटी ने केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ ही नगर निगम, एमवीडीए, ब्रज तीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा को नोटिस जारी किए हैं। अगली सुनवाई तक संबंधित विभागों को इस मामले में एनजीटी के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।