भंडारे के बचे हुए भोजन को गांव में बंटवाया, लेकिन ग्रामीणों ने लेने इनकार कर दिया। इसके बाद गांव में ही स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण गोशाला में बचे हुए भोजन और सब्जी को गायों के लिए भिजवा दिया। इसे खाने के बाद गोवंश की माैत हो गई।

मथुरा के रिफाइनरी के गांव भैंसा में दुखद घटना सामने आई है, जहां एक दिवंगत प्रधान के मृत्युभोज में बचे भंडारे का भोजन खाने से श्रीलक्ष्मीनारायण गोशाला में 12 गोवंश (गायों) की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं सात अन्य गोवंश की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद से ही गांव में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से दो थानों का पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात कर दिए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनों मौजूदा ग्राम पंचायत भैंसा के प्रधान जगन्नाथ की मृत्यु हो गई थी। बुधवार को उनका मृत्युभोज कार्यक्रम था। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद दो दिन तक मालपुआ व अन्य बचे हुए भोजन को गांव में बंटवाया, लेकिन ग्रामीणों ने लेने इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने गांव में ही स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण गोशाला में बचे हुए भोजन और सब्जी को गायों के लिए भिजवा दिया।
दो से तीन दिन पुराना दूषित भोजन खाने से 12 गोवंश की मृत्यु हो गई, जबकि करीब सात गायों का उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग की मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और बीमार गोवंश का उपचार शुरू किया। वहीं, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए रिफाइनरी व फरह थाने की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव में डेरा डाल दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मृत गोवंश के शवों को दफनाने की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल जांच कराई जाएगी। इसके बाद आगे की दिशा तय होगी।