पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए श्रद्धालुओं को क्रमवार (लाइन में) आगे बढ़ाया, जिससे घंटों इंतजार के बाद ही सही, लेकिन दर्शन सुचारू रूप से चलते रहे। श्रद्धालुओं की भारी तादाद के कारण शहर के मुख्य चौराहों और एंट्री पॉइंटों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

वृंदावन के विश्वप्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में सोमवार को दर्शनों के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि मंदिर की ओर जाने वाले सभी मार्ग और संकरी गलियां छोटी पड़ गईं। पूरा क्षेत्र राधे-राधे और बांके बिहारी लाल की जय के गूंजते जयकारों से भक्तिमय हो गया।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर अतिरिक्त रेलिंग व बैरिकेडिंग की गई। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए श्रद्धालुओं को क्रमवार (लाइन में) आगे बढ़ाया, जिससे घंटों इंतजार के बाद ही सही, लेकिन दर्शन सुचारू रूप से चलते रहे। श्रद्धालुओं की भारी तादाद के कारण शहर के मुख्य चौराहों और एंट्री पॉइंटों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के पहिये थम गए और गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं। गर्मी और लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। घंटों तक लाइनों में खड़े रहने के बाद जैसे ही भक्तों को ठाकुर जी की एक झलक मिली, उनकी सारी थकान दूर हो गई। चंडीगढ़ से आईं रीना भाटिया ने कहा कि मंदिर मार्ग पर रेलिंग लगने से यह हुआ कि धक्का मुक्की नहीं हुई, लेकिन गर्मी से थोड़ी दिक्कत तो आईं।
हालांकि मंदिर पहुंचने पर ठाकुर जी को देखकर सबकुछ ठीक हो गया। पंजाब से आए हरेंद्र अरोड़ा का कहना था कि मंदिर में तो सब व्यवस्था ठीक लगीं, लेकिन बाहर अभी और सुधार की आवश्यकता है।