अयोध्या। श्रीअयोध्या धाम में आयोजित ‘नित्य रामकोट’ परिक्रमा में शुक्रवार को संत समाज, स्थानीय श्रद्धालुओं और देशभर से आए दर्शनार्थियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। करीब सात सौ श्रद्धालुओं ने लक्ष्मण किला के महंत मैथिली रमण शरण तथा हनुमत निवास के महंत मिथिलेश नंदनी शरण की अगुवाई में परिक्रमा की।
महंत मिथिलेश नंदनी शरण ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार संपूर्ण भारत का हृदय स्थल श्रीअयोध्या धाम है, उसी प्रकार अयोध्या का हृदय स्थल श्रीरामकोट है। उन्होंने कहा कि श्रीरामकोट को श्रीराम जन्म तीर्थ के रूप में अयोध्या के पौराणिक महात्म्य में विशेष स्थान प्राप्त है। रामकोट की प्रदक्षिणा से व्यक्ति अनेक जन्मों के पापों से मुक्त होकर भगवत धाम का अधिकारी बनता है। संतों ने कहा कि धर्मानुरागियों के सतत प्रयास से प्रारंभ हुई ‘नित्य रामकोट’ परिक्रमा अब जनआस्था का बड़ा केंद्र बनती जा रही है।