बरसाना में मौसम नहीं, परंपराएं चलती हैं, इसलिए जेठ में भी होली खेली जाती है और गर्म हवाओं के बीच बसंत के गीत गूंजते हैं। पुरुषोत्तम मास की शुरुआत हरियाली तीज उत्सव के साथ होगी। 

festivals of entire year will be celebrated within single month during Purushottam Mas In Barsana

मथुरा के बरसाना में विश्व प्रसिद्ध श्री लाडलीजी महाराज मंदिर में 17 मई से शुरू हो रहे पुरुषोत्तम मास के दौरान हरियाली तीज, राधाष्टमी, बसंत पंचमी, लड्डू होली, फूल होली, दशहरा और रथ यात्रा जैसे उत्सवों का आयोजन किया जाएगा। ब्रज के बाहर यह परंपरा भले असंभव लगे, लेकिन बरसाना में सदियों से अधिक मास को उत्सवों का पुनर्जन्म माना जाता है। मान्यता है कि इस मास में राधारानी का दरबार स्वयं उत्सव स्वरूप धारण कर लेता है और भक्तों को पूरे ब्रज के पर्वों का एक साथ आनंद प्राप्त होता है।

ब्रज के संत बताते हैं कि पुरुषोत्तम मास में बरसाना केवल तीर्थ नहीं रहता, बल्कि वह जीवित उत्सव में बदल जाता है। यहां मौसम नहीं, परंपराएं चलती हैं, इसलिए जेठ में भी होली खेली जाती है और गर्म हवाओं के बीच बसंत के गीत गूंजते हैं। पुरुषोत्तम मास की शुरुआत हरियाली तीज उत्सव के साथ होगी। मंदिर में ठाकुरजी का हरियाली शृंगार होगा और झूला लीला सजेगी। इसके बाद 22 मई से 28 मई तक राधाष्टमी बधाई महोत्सव में सात दिनों तक बधाई गायन और संकीर्तन की गूंज सुनाई देगी। 29 मई को सांझी उत्सव के दौरान श्रीजी मंदिर की चौखटें ब्रज की पारंपरिक लोककला से सजी दिखाई देंगी।

एक जून को अन्नकूट उत्सव में ठाकुरजी को छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। इसके बाद 5 जून से 7 जून तक बसंत उत्सव में रंग बिखरते नजर आएंगे। 8 जून को लड्डू होली में प्रसादी लड्डुओं की वर्षा होगी, जबकि 9 जून को फूल होली में पूरा मंदिर परिसर पुष्पों की सुगंध और रंगों से महक उठेगा। 10 जून को दशहरा उत्सव और 15 जून को रथ यात्रा के साथ यह उत्सव मास चरम पर पहुंचेगा।

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