प्रशासन द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि अधिक मास में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होती है। वर्षा ऋतु और प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण तलहटी क्षेत्र में सांपों एवं अन्य जहरीले कीड़े बाहर आ जाते हैं। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

Changes made to Govardhan Parikrama for devotees in mathura

अधिकमास के दौरान गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए लाखों की भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में प्रशासन ने अहम फैसला लेते हुए रात के समय तलहटी के कच्चे मार्गों पर परिक्रमा को पूरी तरह से रोक दिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि रात को सिर्फ सड़क मार्ग पर ही परिक्रमा लगाई जाएगी।

श्री गिरिराज जी की परिक्रमा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। तलहटी मार्ग (कच्चे मार्ग) पर सांप और अन्य विषैले जीव-जंतुओं के खतरे के कारण प्रतिदिन शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे तक परिक्रमा करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि अधिक मास में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होती है। वर्षा ऋतु और प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण तलहटी क्षेत्र में सांपों एवं अन्य जहरीले कीड़े बाहर आ जाते हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रात के समय तलहटी मार्ग में प्रवेश न करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। साथ ही श्रद्धालुओं को निर्धारित परिक्रमा मार्ग अन्यौर, पूंछरी का लौठा और जतीपुरा होते हुए परिक्रमा करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी से सहयोग की अपेक्षा की जाती है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

आपातकालीन सेवाओं को छूट
एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, सफाई एवं अन्य आकस्मिक सेवाओं में लगे वाहनों को इन प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यातायात व्यवस्था का पालन करने और सहयोग बनाए रखने की अपील की है, ताकि अधिक मास के दौरान दर्शन और परिक्रमा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा सके।

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