सामुद्रिक शास्त्र: शरीर के इन हिस्सों पर बाल होना माना जाता है राजयोग का संकेत, खुलते हैं तरक्की के रास्तेसामुद्रिक शास्त्र में शरीर के अलग-अलग अंगों और उनकी बनावट को लेकर कई पारंपरिक मान्यताएं बताई गई हैं।इन्हीं मान्यताओं में शरीर पर बालों की स्थिति को भी व्यक्ति के स्वभाव और भाग्य से जोड़कर देखा जाता है।कहा जाता है कि कुछ विशेष स्थानों पर घने बाल होना शुभ संकेत माना जाता है।पैरों और हाथों पर अधिक बालों को कुछ परंपराओं में मेहनत और दृढ़ता से जोड़ा जाता है।छाती पर बाल होने को भी कई मान्यताओं में आत्मविश्वास और प्रभावशाली व्यक्तित्व का संकेत बताया गया है।भुजाओं पर बालों को परिश्रम और कर्मठता से जोड़कर देखा जाता है।कुछ परंपराओं में शरीर पर घने बालों को समृद्धि और भौतिक सुखों से भी जोड़ा गया है।हालांकि अलग-अलग ग्रंथों और परंपराओं में इन संकेतों की व्याख्या अलग हो सकती है।इसलिए इन्हें निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए।वैज्ञानिक दृष्टि से शरीर पर बालों की मात्रा मुख्यतः आनुवंशिक और हार्मोनल कारकों से प्रभावित होती है।किसी व्यक्ति की सफलता केवल शरीर के किसी लक्षण से तय नहीं होती।सामुद्रिक शास्त्र में बताए गए संकेतों को धार्मिक-सांस्कृतिक मान्यता के रूप में ही देखना उचित है।