राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के चयन पर सवाल उठे हैं। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से चयन प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि जितेंद्र मिश्र अंतिम 16 उम्मीदवारों में शामिल नहीं थे और साक्षात्कार भी नहीं दिया। इसके बावजूद अंतिम तीन में नाम आने पर स्पष्टीकरण मांगा गया।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने सीईओ चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ट्रस्ट से स्पष्टीकरण मांगा है।ठाकुर ने ट्रस्ट को भेजे पत्र में पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय के एक पॉडकास्ट में दिए गए बयान का हवाला दिया है। पत्र के अनुसार, पांडेय ने दावा किया है कि सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र सीईओ पद के लिए चुने गए अंतिम 16 अभ्यर्थियों में शामिल नहीं थे।
साथ ही, उन्होंने चयन प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार भी नहीं दिया था। अमिताभ ठाकुर ने सवाल उठाया है कि यदि जितेंद्र मिश्र अंतिम 16 अभ्यर्थियों में शामिल नहीं थे और उन्होंने साक्षात्कार नहीं दिया था, तो उनका नाम अंतिम तीन उम्मीदवारों में किस प्रक्रिया के तहत शामिल किया गया। उन्होंने चयन समिति की अपनाई गई प्रक्रिया और चयन के आधार को स्पष्ट करने की मांग की है।
उन्होंने ट्रस्ट से यह भी पूछा है कि सीईओ चयन में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं। ठाकुर ने पूरे मामले में स्पष्टीकरण देने और यदि चयन प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।