असम में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव की 578वीं जयंती मनाई गई।मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने संत को श्रद्धांजलि दी।उन्होंने शंकरदेव के विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।संत शंकरदेव ने भक्ति और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।उनकी शिक्षाओं में ज्ञान, भक्ति और करुणा पर जोर दिया जाता है।जयंती के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।श्रद्धालुओं ने संत की स्मृति में प्रार्थना और श्रद्धांजलि अर्पित की।असम की वैष्णव परंपरा में शंकरदेव का विशेष स्थान है।उनकी परंपरा से जुड़े सत्रों और नामघरों में धार्मिक आयोजन हुए।लोगों से संत के विचारों को जीवन में अपनाने की अपील की गई।