महर्षि कात्यायन के यहाँ माता ने पुत्री के रूप में जन्म लिया इसलिए इनका नाम कात्यायनी रखा गया।

भगवान कृष्ण को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए ब्रज की गोपियों ने इनकी आराधना की।

माता की चार भुजाएँ हैं।

अभयमुद्रा

वरमुद्रा

तलवार

कमल का फूल

—–वाहन सिंह है।

चंद्र को कमल द्वारा श्रृंगार करवाना।कात्यायनी शुभ फल देतीं, दाम्पत्य

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