माँ कालरात्रि माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों में सातवाँ स्वरूप हैं। इनका स्वरूप अत्यंत शक्तिशाली और उग्र माना जाता है। माँ कालरात्रि दुष्ट शक्तियों का नाश करने वाली और भक्तों को भय से मुक्त करने वाली देवी हैं।माँ कालरात्रि का वाहन गर्दभ (गधा) है। इनके चार हाथ हैं। एक हाथ में खड्ग, दूसरे में लोहे का काँटा तथा दो हाथ अभय और वर मुद्रा में हैं। इनके तीन नेत्र बताए गए हैं।माँ कालरात्रि की पूजा करने से भक्तों को साहस, शक्ति और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा का आशीर्वाद मिलता है।