डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से मजबूती से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश भर में दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के उपलब्ध कराने के लिए तीन चरणों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस महाभियान के लिए 17 सितंबर और 2 अक्टूबर की महत्वपूर्ण तारीखें तय की गई हैं। इन शिविरों के जरिए शासन की कोशिश है कि प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर सहायक उपकरणों के वितरण तक का काम एक ही छत के नीचे पूरा किया जा सके।विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें17 सितंबर से होगी शुरुआत, मौके पर बनेंगे सर्टिफिकेटअभियान के पहले चरण का आगाज 17 सितंबर से होगा। इस दिन प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों और ब्लॉक स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड की टीमें मौजूद रहेंगी। यह टीमें दिव्यांगता की जांच कर मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र (UDID कार्ड) जारी करने की प्रक्रिया पूरी करेंगी। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को चिन्हित करना है, जो जानकारी या संसाधनों के अभाव में अब तक दिव्यांग पेंशन, बस पास और अन्य सरकारी लाभों से वंचित हैं।