यमकेश्वर। मालाग्राम स्थित हर्बल वर्ल्ड हिमालय-श्री धन्वंतरि धाम में बुधवार को तीन दिवसीय हर्बल कुंभ, जड़ी-बूटी कृषि मेला एवं धन्वंतरि महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसे प्रकृति, पर्यावरण और परंपरा का अद्भुत संगम बताया। उन्होंने इसे विश्वस्तरीय अध्ययन केंद्र बनाने की बात कही।
पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने अगले पांच वर्षों में धन्वंतरि धाम को औषधीय वनस्पतियों, आयुर्वेद और अनुसंधान का वैश्विक केंद्र बनाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि 200 एकड़ में फैले इस धाम में 50 हजार से अधिक औषधीय पौधे लगाए गए हैं। यहां 109 खंडों में 50 हजार से अधिक वनस्पतियों का संकलन किया गया है। डॉ. धन सिंह रावत ने विश्वास जताया कि यह परिसर एक वर्ष में प्रमुख तीर्थ के रूप में विकसित होगा। यहां उत्तराखंड के किसानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों को भी अध्ययन के लिए भेजा जाएगा।
महोत्सव में 60 से 70 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिनमें ‘धरती का डॉक्टर’ मृदा परीक्षण मोबाइल वैन आकर्षण का केंद्र रही। पतंजलि किसान डायरी सहित चार पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि धन्वंतरि धाम का उद्देश्य भारतीय ज्ञान और प्रकृति को दुनिया से जोड़ना है। उन्होंने घोषणा की कि अगला तीन दिवसीय हर्बल कुंभ 25 से 27 अक्तूबर 2027 तक आयोजित होगा। यह आयोजन अब प्रतिवर्ष किया जाएगा।