अब तीर्थनगरी में किन्नर बधाई रकम तय अनुसार ही लेंगे। किन्नर, युवक की शादी, बच्चे के जन्म होने, अन्य खुशियों के त्योहारों पर मुंह मांगा पैसा मांगते हैं। जो लोग किन्नरों की मांग के अनुरूप पैसे नहीं दे पाते वहां पर हंगामा कर देते हैं। इससे कई बार मारपीट और झगड़े की नौबत आती है।

नगर निगम में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। तीर्थनगरी में अब शादी ब्याह, बालक के जन्म और अन्य त्योहारों पर किन्नर 2100 रुपये से ज्यादा बधाई नहीं ले सकेंगे। पार्षदों को दिए जाने वाले भत्ते पर भी सहमति बनी। नगर निगम प्रशासन भत्ते की फाइल को शासन को भेजेगा।
शासन से अनुमति मिलने के बाद पार्षदों को भत्ता मिलना शुरू होगा। नगर निगम में बैठक 11:30 बजे शुरू हुई। बैठक में पार्षद अभिनव सिंह मलिक की ओर से 2100 रुपये बधाई का प्रस्ताव रखा गया। जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
पार्षद ने कहा कि कई बार किन्नर, युवक की शादी, बच्चे के जन्म होने, अन्य खुशियों के त्योहारों पर मुंह मांगा पैसा मांगते हैं। जो लोग किन्नरों की मांग के अनुरूप पैसे नहीं दे पाते वहां पर हंगामा कर देते हैं। इससे कई बार मारपीट और झगड़े की नौबत आती है।