बाबा विश्वनाथ के मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी रहे। परिसर में विधि-विधान से पूजन का आयोजन किया गया।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और आनंदीबेन पटेल का काफिला सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचा। दोनों ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
इस दौरान भाजपा के राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, मंत्री अनिल राजभर, दयाशंकर ‘दयालु’ समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर में त्रयंबकेश्वर सभागार में प्रमुख कार्यक्रम का आयोजन होना है। स्कूल की छात्राओं ने शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ उनका स्वागत किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोमनाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम दोनों ही भारत के इतिहास और सनातन संस्कृति की अदम्य शक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति पर आक्रमण तो हो सकते हैं, लेकिन उसे कभी पराजित नहीं किया जा सकता। विनाश क्षणिक होता है, जबकि सृजन शाश्वत होता है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करीब तीन घंटे तक मौजूद रहेंगे। पहली बार ऐसा होगा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल इतने लंबे समय तक विश्वनाथ धाम में रहेंगे और इस दौरान बाबा की भोग आरती में भी शामिल होंगे।
भोग आरती का नियमित समय सुबह 11:15 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक है। सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच मुख्यमंत्री और राज्यपाल सबसे पहले गर्भगृह में करीब 20 मिनट तक बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन करेंगे।