शैलपुत्री
1.दाये हाथ मे त्रिशूल तथा बाये हाथ मे कमल सुशोभित है इनका वाहन वृषभ (बैल) है
2.इनका जन्म पर्वतराज हिमालय के यहाँ हुआ है
3. पहले ये सती थी फिर अगले जन्म मे शैलपुत्री (पार्वती) बनी
वन्दे वांछितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥