मथुरा के वृंदावन के राजपुर से रविवार को स्वामी श्री हरिदास जी महाराज के प्राकट्य उत्सव पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। निंबार्क परंपरा के सखी संप्रदाय से जुड़े इस आयोजन में देश-विदेश से आए श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान हरिनाम संकीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया।राजपुर से शुरू हुई शोभायात्रास्वामी श्री हरिदास जी महाराज के जन्मस्थान राजपुर से शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें हरदासी संप्रदाय के संत, महंत और परंपरा से जुड़े शिष्य शामिल हुए। बड़ी संख्या में महिलाएं भी यात्रा में शामिल रहीं।विदेशी श्रद्धालु भी भक्ति में झूमेशोभायात्रा में देश के साथ विदेशों से आए श्रद्धालु भी शामिल हुए। हरिनाम संकीर्तन की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। विदेशी श्रद्धालु भारतीय पारंपरिक कपड़ों में नजर आए और स्वामी जी के भजनों पर नृत्य किया।डोले में बैठे नन्हे संत रहे आकर्षणशोभायात्रा में स्वामी जी महाराज के डोले में बैठे दो नन्हे संत आकर्षण का केंद्र रहे। उनकी बाल-छवि देखने के लिए श्रद्धालुओं में उत्सुकता रही। रास्ते भर भक्तों ने स्वामी जी के चित्रपट की आरती उतारी और फूल बरसाए।राधा बावड़ी पर महाआरती के साथ समापनशोभायात्रा राजपुर परिक्रमा मार्ग से शुरू होकर अटल्ला चुंगी, बिहारी जी मंदिर मार्ग और आठ खंभा सहित नगर के प्रमुख रास्तों से गुजरी। इसके बाद यात्रा स्वामी जी के स्थल ‘राधा बावड़ी’ पहुंची। यहां महाआरती के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ।