हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में भाद्रपद अमावस्या की तिथि 10 सितंबर को सुबह करीब 10:33 बजे शुरू होकर 11 सितंबर की सुबह करीब 8:56 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कई पंचांगों में 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को भाद्रपद अमावस्या माना गया है।भाद्रपद अमावस्या को पितरों के स्मरण, तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से किए गए दान और सेवा से पितरों के प्रति सम्मान प्रकट होता है और परिवार में सुख-शांति की कामना की जाती है।
1. अन्न का दानइस दिन जरूरतमंद व्यक्ति को चावल, आटा, दाल या अन्य खाद्य सामग्री दान करना शुभ माना जाता है। अन्नदान को धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व दिया गया है।
2. काले तिल का दानपितृ कर्मों में काले तिल का विशेष उपयोग किया जाता है। अमावस्या के दिन श्रद्धापूर्वक काले तिल का दान करने की परंपरा है।
3. वस्त्र का दान जरूरतमंद लोगों को साफ-सुथरे वस्त्र दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार वस्त्र या अन्य उपयोगी सामग्री दान की जा सकती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों का तर्पण, जरूरतमंदों को भोजन कराना और दान-पुण्य करना विशेष फलदायी माना जाता है। हालांकि, इनसे मिलने वाले आध्यात्मिक फल आस्था और परंपरा पर आधारित हैं।