बाबा बर्फानी के जयकारों के साथ रवाना हुए साधु-संत, बोले- यात्रा का अनुभव अद्भुत अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं और साधु-संतों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। जम्मू की पुरानी मंडी स्थित श्रीराम मंदिर से बड़ी संख्या में साधु-संतों का जत्था गुरुवार को पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। यात्रा पर निकलने से पहले संतों और श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के जयकारे लगाए और सुखद व सुरक्षित यात्रा की कामना की।यात्रा पर रवाना हो रहे एक संत ने समाचार एजेंसी से कहा कि अब तक का सफर बेहद सुखद रहा है। उन्होंने बताया कि साथी संतों और श्रद्धालुओं के साथ यात्रा करने का अनुभव बेहद खास है। उन्होंने कहा, “यह पहली बार है जब मुझे बाबा अमरनाथ के दर्शन का अवसर मिल रहा है। संतों के लिए बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और हर साल इसी समर्पण के साथ सेवा की जाती है।”पहली बार अमरनाथ यात्रा पर निकले एक श्रद्धालु ने भी यात्रा को लेकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “यह मेरी पहली अमरनाथ यात्रा है। श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रशासन और सेना के जवानों की ओर से जो सहयोग और सहायता मिल रही है, वह बेहद सराहनीय है।”एक अन्य संत ने बताया कि वह पिछले 32 वर्षों से लगातार अमरनाथ यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार भी सरकार ने यात्रियों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्थाएं की हैं। खास तौर पर बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए की गई सुविधाएं काफी बेहतर हैं, जिससे यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गई है।मध्य प्रदेश के नर्मदा नदी के तट पर स्थित जबलपुर से आए एक संत ने बताया कि यह उनकी तीसरी अमरनाथ यात्रा है। उन्होंने कहा, “मैं बाबा बर्फानी का आशीर्वाद लेने आया हूं। यात्रा के लिए सरकार ने शानदार तैयारियां की हैं और सभी व्यवस्थाएं बेहद अच्छी हैं।”इस मौके पर एक अन्य संत ने अमरनाथ यात्रा को आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ते हुए कहा, “हम सभी बेहद उत्साहित हैं। यह हमारी ‘कैलाश यात्रा’ का पहला चरण है। अंतिम चरण जम्मू के हरमुख कैलाश में पूरा होगा, जब वहां की यात्रा शुरू होगी। यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।”उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने हर स्तर पर बेहतर व्यवस्थाएं की हैं, जिससे सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सहज तरीके से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़े।

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