देश के अलग-अलग राज्यों में यज्ञ-हवन आयोजनों के दौरान कथित विरोध और उपद्रव की घटनाओं पर त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट 1008 हरि ओम जी ने चिंता जताई है। उन्होंने सरकारों से अपने काफिले की सुरक्षा पक्की करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में कोई चूक होने पर संबंधित सरकार और पीएमओ जिम्मेदार होंगे।एक खास बातचीत में हरि ओम जी ने दावा किया कि हरियाणा में उनके यज्ञ आयोजनों के दौरान तीन बार उपद्रव हुआ। त्रिपुरा में भी ऐसी ही घटना हुई थी। उन्होंने कुरुक्षेत्र और जींद की घटनाओं का जिक्र करते हुए कुछ राजनीतिक नेताओं और पाखंडी बाबाओं पर साजिश रचने का आरोप लगाया।हरि ओम जी ने साफ किया कि उन्हें खुद के लिए सुरक्षा नहीं चाहिए। उनकी प्राथमिकता यज्ञ की तैयारियों में साथ चलने वाले ब्राह्मण विद्यार्थियों, आचार्यों और साधु-संतों की सुरक्षा है। उनके काफिले में 10 से 20 साधु और कई बार 40 से 100 तक ब्राह्मण व विद्यार्थी होते हैं। उन्होंने सोनीपत में एक साधु के घायल होने का भी जिक्र किया और पिछली घटनाओं की जांच पर सवाल उठाए।सुरक्षा के संबंध में उत्तराखंड सरकार, गृह मंत्रालय, पीएमओ, हरियाणा सरकार और मुख्य न्यायाधीश को ईमेल भेजे गए हैं। हरि ओम जी ने चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में काफिले के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो वे साधु-संतों और विद्यार्थियों के साथ आमरण अनशन करेंगे।उन्होंने संबंधित सरकारों और प्रशासन से समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मकसद किसी राजनीतिक दल का विरोध या समर्थन करना नहीं है, बल्कि यज्ञ, धर्म, शिक्षा और समाजहित से जुड़े कामों को सुरक्षित माहौल में आगे बढ़ाना है।