
अयोध्या। जैन मंदिर में बृहस्पतिवार को प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का श्रद्धा और भक्ति के साथ अभिषेक-पूजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार एवं समाज के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान ऋषभदेव के विधि-विधान से अभिषेक एवं पूजन के साथ हुई। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आराधना करते हुए धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर स्वामी रवींद्र कीर्ति ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान ऋषभदेव का जीवन त्याग, तप, संयम और अहिंसा का अनुपम संदेश देता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को लोभ, क्रोध और अहंकार का त्याग कर सत्य, करुणा और आत्मसंयम के मार्ग पर चलना चाहिए। धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे अपने आचरण में उतारना ही सच्ची साधना है। प्रवचन के बाद श्रद्धालुओं ने स्वामी रवींद्र कीर्ति का आशीर्वाद प्राप्त किया। संचालन डॉक्टर जीवन प्रकाश जैन ने किया। पूजन कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य विजय जैन ने संपन्न कराया। इस दौरान आर्यिका चंदनामती, मनोज जैन, सुरेद्र जैन, आदेश जैन, पारस जैन सहित विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों जैन श्रद्धालु मौजूद रहे।