कथावाचक पवन देव महाराज ने महिला को राम मंदिर दर्शन के बहाने अयोध्या बुलाया और नाका हनुमानगढ़ी स्थित एक मंदिर में कथित रूप से फर्जी विवाह रचाया। इसके बाद विवाह का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए।

बीकापुर कोतवाली पुलिस ने गंभीर आपराधिक मामले में वांछित चल रहे कथावाचक पवन देव महाराज की गिरफ्तारी के लिए शिकंजा और कस दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या ने फरार आरोपी पर 15 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया है।
पुलिस के अनुसार, बिहार के सीवान जनपद निवासी एक महिला ने कोतवाली बीकापुर क्षेत्र के मलेथू कनक गांव निवासी कथावाचक पवन देव महाराज पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने तथा लाखों रुपये के जेवरात हड़पने का आरोप लगाया है।
पीड़िता का कहना है कि बिहार में कथा वाचन के दौरान उसकी कथावाचक से पहचान हुई थी। बाद में आरोपी ने उसे राम मंदिर दर्शन के बहाने अयोध्या बुलाया और नाका हनुमानगढ़ी स्थित एक मंदिर में कथित रूप से फर्जी विवाह रचाया। इसके बाद विवाह का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए।
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके लाखों रुपये मूल्य के जेवरात भी अपने कब्जे में ले लिए और बाद में अपने चालक के माध्यम से उसे उसके मायके भिजवा दिया। विरोध करने पर कथावाचक और उसके पिता रमाकांत शास्त्री द्वारा मारपीट और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली बीकापुर में पवन देव महाराज एवं उनके पिता रमाकांत शास्त्री के विरुद्ध दर्ज रिपोर्ट दर्ज किया गया है। महिला का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया जा चुका है व मेडिकल परीक्षण की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है।
मामला दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। मलेथू कनक स्थित उनके आवास पर ताला लगा हुआ है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र पांडेय ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और आमजन से सहयोग प्राप्त करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से 15 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया है।