धार्मिक नगरी उज्जैन में अब जल्द ही देश-दुनिया से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ने जा रही है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासन ने यहां 450 एकड़ भूमि पर एक भव्य नया एयरपोर्ट बनाने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए एमओयू की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

सिंहस्थ में एयरपोर्ट ‘गेम चेंजर’ साबित होगा
सिंहस्थ-2028 के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह एयरपोर्ट ‘गेम चेंजर साबित होगा। 147 करोड़ के इस शुरुआती निवेश से उज्जैन में न केवल हवाई यातायात शुरू होगा, बल्कि यह आपदा प्रबंधन और वीआईपी मूवमेंट का मुख्य केंद्र भी बनेगा। अगले कुछ महीनों में दताना हवाई पट्टी पर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो जाएगा, जो उज्जैन के विकास को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो सिंहस्थ से काफी पहले उज्जैन के आसमान में बड़े विमानों की गूंज सुनाई देगी, जो मालवा क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ हो चुके मंजूर
उज्जैन एयरपोर्ट के लिए मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल पिछले महीने 590 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर चुका है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ से पहले इस एयरपोर्ट को पूर्णतः क्रियाशील बनाना है। इस राशि से टर्मिनल बिल्डिंग का विस्तार, आधुनिक एटीसी टावर, फायर स्टेशन और यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह निवेश उज्जैन को मालवा क्षेत्र के एक प्रमुख लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में स्थापित करेगा। राज्य सरकार के इस कदम से स्पष्ट है कि उज्जैन अब केवल एक धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि भविष्य का एक आधुनिक स्मार्ट एविएशन हब बनने की ओर अग्रसर है। अनुमान है कि सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से करीब 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। सिंहस्थ 2028 से पहले इस हवाई अड्डे का विस्तार उज्जैन में पर्यटन और रोजगार के नए द्वार खोलेगा।

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