मथुरा के कोकिलावन शनिधाम को आध्यात्म और प्रकृति के अनोखे संगम के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पौराणिक वन, वेटलैंड और टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर बनने से श्रद्धालुओं को नया आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा।

ब्रज दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब शनिधाम (कोकिलावन) केवल दर्शन और परिक्रमा का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि आध्यात्म, प्रकृति और शांति का अनोखा अनुभव भी देगा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर शनिधाम को तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां भक्त पौराणिक वृक्षों की छांव में ठहरने का भी आनंद उठा सकेंगे।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ लक्ष्मी नागप्पन के निर्देश पर परिषद, वन विभाग और विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने शनिधाम का दौरा किया। इस दौरान कार्यों की प्रगति देखी। यहाँ उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर कोकिलावन की पवित्र परिक्रमा को आकर्षक बनाने के लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा व्यापक कार्य किया जा रहा है। परिक्रमा मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगा दी गई हैँ , जिससे श्रद्धालुओं को रात्रि में भी सुविधाजनक दर्शन का अनुभव मिलेगा।
इसके साथ ही यहां 10 हेक्टेयर क्षेत्र में विशाल वेटलैंड विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है, यह कार्य वन विभाग द्वारा कराया जा रहा है। इसके साथ ही लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में कृष्णकालीन पौराणिक वन तैयार करने की योजना है। इस वन क्षेत्र में उन वृक्षों को लगाया जाएगा, जिनका उल्लेख श्रीकृष्ण लीला और ब्रज संस्कृति में मिलता है। पौराणिक वन का कार्य अगली कार्य योजना के लिए प्रस्तावित है।
यहां विशेष आकर्षण के रूप में पौराणिक वन के बीच टीएफसी (टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर) बनाने का भी प्रस्ताव है, जिसका निर्माण धर्मार्थ विभाग द्वारा राजकीय निर्माण निगम से कराया जाना प्रस्तावित किया गया है। इससे श्रद्धालु प्राकृतिक वातावरण में रुककर कोयल की मधुर आवाज और विभिन्न पक्षियों की चहचहाहट के बीच आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर सकेंगे। निरीक्षण टीम में पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा, उप प्रभागीय वनाधिकारी सुशील कुमार सिंह और सहायक अभियंता सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।