
गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर त्रिवेणी घाट पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई और मां गंगा का आशीर्वाद लिया। पूजा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से भी लोग पहुंचे, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल रहे।
बृहस्पतिवार सुबह से ही घाट पर भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगा आरती और विशेष अनुष्ठान संपन्न कराए। श्रद्धालुओं ने गंगाजल से अभिषेक किया और दीपदान कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। विदेशी पर्यटकों ने भी भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रति गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने गंगा पूजा में सक्रिय रूप से भाग लिया और गंगा आरती का अवलोकन किया। कई विदेशियों ने गंगा में स्नान भी किया और इस आध्यात्मिक अनुभव को सराहा।
गंगा सप्तमी का पर्व मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं। यह दिन मोक्षदायिनी गंगा की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। भक्त इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और विशेष अनुष्ठान कर पुण्य कमाते हैं। इस दिन गंगा के तटों पर एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।
त्रिवेणी घाट पर विदेशी श्रद्धालुओं की उपस्थिति आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने भारतीय रीति-रिवाजों को जानने और समझने में गहरी रुचि दिखाई। कई विदेशियों ने गंगा आरती में भाग लिया और मंत्रों का उच्चारण भी किया। उनकी भागीदारी ने इस पर्व को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया, जो भारत की अतिथि देवो भव परंपरा को दर्शाता है।