माता के आठ हाथ हैं। सात हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतकलश, चक्र तथा गदा है और आठवें हाथ में जप की माला है।

→ देवी का वाहन सिंह है।

→ इन्हें कूष्मांडा (कुष्मांडा) की देवी कहा जाता है।

माँ कूष्मांडा की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।माँ कूष्मांडा को सृष्टि की आदि शक्ति माना जाता है। उनकी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई, इसलिए इन्हें आदिशक्ति माँ कूष्मांडा कहा जाता है।जय माता दी

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