इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई दूसरी पीठ को सौंपने के लिए मामला मुख्य न्यायाधीश को संदर्भित कर दिया है।
कोर्ट ने यह आदेश स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर दिया है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर में मिली अग्रिम जमानत की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने याचिका में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अलावा प्रयागराज की मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त समस्त कई अन्य अधिकारियों को भी पक्षकार बनाया है।