छह नवंबर को धनतेरस पर ठाकुर राधावल्लभ लाल चांदी की हटरी में विराजमान होंगे। तभी से लगातार दिवाली एवं पूर्णिमा तक 18 दिन हटरी में ही विराजेंगे। 

Special darshan will be held at Thakur Radhavallabh Temple starting from Dhanteras in Vrindavan

ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में ठाकुरजी 18 दिन चांदी से बनी हटरी में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। धनतेरस से पूर्णिमा तिथि तक ठाकुरजी के त्योहारों पर विशेष दर्शनों की तैयारी शुरु कर दी है। दीवाली पर आराध्य श्रीराधावल्लभ लाल रंग की पोशाक धारण कर चौसर खेलेंगे। इसके लिए जरी की खास पोशाक जयपुर से तैयार होकर आएगी। 

ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में धनतेरस, दिवाली एवं अन्नकूट की तैयारी शुरु हो गई हैं। वर्ष में एक बार मनाए जाने वाले इन त्योहारों पर ठाकुरजी के श्रृंगार दर्शन देंगे। छह नवंबर को धनतेरस पर ठाकुर राधावल्लभ लाल चांदी की हटरी में विराजमान होंगे। तभी से लगातार दिवाली एवं पूर्णिमा तक 18 दिन हटरी में ही विराजेंगे। मंदिर के गोस्वामी आचार्यो द्वारा दीवाली पर ठाकुरजी के लिए लाल रंग की जरी की पोशाक जयपुर में तैयार कराई जा रह है। जिसमें मोती एवं नगों का जड़ाव होगा। 

दिवाली की शाम को ठाकुरजी चौसर का खेल खेलेंगे। यह खेल परंपरा ठाकुरजी और श्रीजी के बीच होती है। उन्हें मंदिर की रसोई में तैयार विभिन्न पकवान सेवित किए जाएंगे। इसमें लड्डू, मठरी, गुलाब जामुन, मेवाओं से बनीं नमकीन, बादाम, पिस्ता एवं केसर के दूध का भोग लगाया जाएगा। मंदिर के तिलकायत आचार्य मोहित मराल गोस्वामी ने बताया कि धनतेरस, दीवाली पर ठाकुर के विशेष दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे। उसके अगले दिन 9 नवंबर को मंदिर में अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। इसमें ठाकुरजी को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। भक्तों को अन्नकूट दर्शन के साथ उन्हें प्रसाद वितरित किया जाएगा। 

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