गोमाता के सम्मान, संरक्षण और निराश्रित गोवंश की दुर्दशा के खिलाफ देशव्यापी जनआंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। यह घोषणा गोसेवकों और संत महंतों की एक बैठक में की गई। आंदोलन का पहला चरण 27 अप्रैल को शुरू होगा।शुक्रवार को देहरादून रोड स्थित व्यापार सभा भवन में आयोजित बैठक में संत, गोभक्त और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गोसेवा को जनअभियान बनाने का संकल्प लिया। महंत गोपालाचार्य और संजय अग्रवाल ने बताया कि प्रथम चरण में 27 अप्रैल को देशभर की तहसीलों के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को मांग पत्र सौंपे जाएंगे।यह मांग स्थानीय एसडीएम के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से सरकार तक पहुंचाई जाएगी। गोसेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि पहले चरण में ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो दूसरा चरण 27 जुलाई को शुरू होगा। इस चरण में गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाना और गोसंरक्षण के लिए सख्त कानून बनाना मुख्य मांगें होंगी। इसके अतिरिक्त, निराश्रित गोवंश के लिए आश्रय, भोजन और उपचार की व्यवस्था तथा गोसेवा को सामाजिक व शैक्षिक अभियानों से जोड़ना भी शामिल है। संतों ने कहा कि घरों में पाली जा रही गायें सुरक्षित हैं, लेकिन सड़कों पर घूम रही निराश्रित गायें भूख, दुर्घटनाओं और उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। गोपालाचार्य महाराज, केशव स्वरुप, राधा वत्स, ललित जिंदल, संजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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