Culmination of the Shri Ram Mahayagya; Conclusion of the Janaki Navami Festival

अयोध्या। दशरथ महल के संयोजन में आयोजित नौ दिवसीय जानकी नवमी महोत्सव का रविवार को समापन हुआ। इस अवसर पर आयोजित श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई। दशरथ महल के महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य के संयोजन में मखधाम मखौड़ा में संचालित श्रीराम महायज्ञ के अंतिम दिन श्रीराम नाम मंत्र से यज्ञकुंड में आहुतियां अर्पित की गईं।

नौ दिनों में कुल सवा लाख आहुतियां अर्पित कर राष्ट्र कल्याण व विश्व शांति की कामना की गई। इस दौरान प्रवचन सत्र में महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य ने कहा कि जानकी नवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि त्याग, मर्यादा और आदर्श जीवन का संदेश देने वाला पावन अवसर है। श्रीराम और माता जानकी का जीवन हमें धर्म, सत्य और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ाते हैं। अर्जुनदेवाचार्य कृपालु रामभूषण दास ने कहा कि आज की पीढ़ी को अपने संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता है। डॉ. सुनीता शास्त्री ने कहा कि माता जानकी का जीवन नारी शक्ति, धैर्य और समर्पण का प्रतीक है। 

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