चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर के दान भंडार की सात चरणों में गणना पूरी होने पर कुल 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपये की रिकॉर्ड दानराशि प्राप्त हुई। इसके अलावा सोना-चांदी और ऑनलाइन व अन्य माध्यमों से भी बड़ी मात्रा में भेंट मिली है।

चित्तौड़गढ़ में श्री सांवलिया सेठ जी मंदिर के दान भंडार की गणना का सातवां और आखिरी चरण पूरा हो गया है। इसके साथ ही दान पात्र और भेंट कक्ष से कुल 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपये की राशि निकली है। वैशाख मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर खोले गए भंडार से इस बार भी श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर दान दिया है।

चरणवार दानराशि का विवरण
पहले चरण की गणना में 11 करोड़ 11 लाख रुपये, द्वितीय चरण में 6 करोड़ 51 लाख 24 हजार रुपये, तृतीय चरण में 9 करोड़ 60 लाख 61 हजार 500 रुपये, चौथे चरण में 3 करोड़ 78 लाख 77 हजार रुपये, पांचवें चरण में 1 करोड़ 31 लाख 42 हजार रुपये और छठे चरण में 54 लाख 6 हजार 600 रुपये प्राप्त हुए। अंतिम और सातवें चरण में 34 लाख 51 हजार 939 रुपये की दानराशि प्राप्त हुई।

सोना-चांदी और अन्य माध्यमों से दान
भंडार, दानपेटी और भेंट कक्ष कार्यालय से 660 ग्राम सोना तथा 84 किलो 620 ग्राम चांदी प्राप्त हुई है। इसके अलावा मनीऑर्डर, ऑनलाइन और भेंट के माध्यम से 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार 30 रुपये की राशि मिली है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची भेंट राशि
इस प्रकार कुल 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपये की राशि इस बार रिकॉर्ड के रूप में प्राप्त हुई है। सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने पर श्रद्धालु अपनी इच्छानुसार भेंट चढ़ाते हैं, जिससे हर बार दान राशि में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

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