17 सितंबर को देश के कई हिस्सों में विश्वकर्मा पूजा श्रद्धा के साथ मनाई गई।भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है।इस अवसर पर कारखानों, दुकानों और कार्यस्थलों पर पूजा की गई।मशीनों और औजारों की भी विशेष पूजा-अर्चना की गई।कई जगहों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित की गई।श्रद्धालुओं ने आरती और मंत्र-जाप किए।पूजा के बाद प्रसाद का वितरण भी किया गया।बिहार, झारखंड, बंगाल सहित कई राज्यों में इस पर्व का विशेष महत्व है।कामगारों और व्यापारियों ने सुख-समृद्धि की कामना की।विश्वकर्मा पूजा को मेहनत, कौशल और निर्माण से जोड़कर देखा जाता है।कई कार्यस्थलों पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।पूरे दिन श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहा।