वृंदावन में होली के अवसर पर भक्तों की भारी संख्या में भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में यहां की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। अब श्रीबांकेबिहारी के गर्भगृह से जगमोहन में आने-जाने के लिए नया गेट लगाया गया है।

होली एवं अन्य त्योहारों पर ठाकुर बांकेबिहारी गर्भगृह से बाहर चंदन कोठरी से होकर जगमोहन में विराजमान होते हैं। उनके लिए मंदिर प्रबंधन ने जगमोहन में आने जाने के लिए नया स्टील का स्लाइडिंग गेट लगाया है। इससे आराध्य को जाने-आने में आसानी होगी।
मंदिर में रेलिंग लगाने का कार्य कर रही मेरठ की कार्यदायी संस्था द्वारा शनिवार की रात को स्टील का गेट लगाया गया। गर्भगृह में विराजमान आराध्य होली, हरियाली तीज, गर्मियों में फूल बंगला के दर्शन देने के लिए जगमोहन में विराजमान होते हैं। मंदिर के सेवायत गोस्वामी अपने आराध्य को गर्भगृह से बाहर चंदन कोठरी के रास्ते जगमोहन में लाकर विराजमान करते हैं। चंदन कोठरी के सामने तिवारी और जगमोहन के बीच लगी पुरानी रेलिंग हटाकर उसके स्थान पर बड़ा स्लाइडिंग गेट शनिवार रात को लगाया गया। इधर मंदिर में शेष रेलिंग लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
मेरठ की कार्यदायी संस्था कनिका कंस्ट्रक्शन मंदिर के पीछे के चौक से मुख्य चौक में आने के लिए बने लकड़ी के स्लोब के स्थान रेलिंग लगाई हैं। रविवार को मंदिर के वीआईपी द्वारा पांच एवं दो एवं तीन से प्रवेश करने वाले श्रद्धालु उसे स्लोब पर लगी नई रेलिंग में होकर गुजरे। श्रीबांकेबिहारी हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी के सदस्य एवं मंदिर सेवायत दिनेश गोस्वामी ने बताया कि गर्भगृह से जगमोहन में आने वाले स्थान के बीच में जहां पहले पुरानी रेलिंग लगी थी। उसके स्थान पर बड़ा स्लाइडिंग गेट लगाया गया है। इससे गेट बड़ा होने से ठाकुरजी के आने -जाने में आसानी होगी।