वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में रेलिंग का कार्य कराने में विशेष समुदाय के व्यक्ति को लगाए जाने की जो खबर वायरल हुई, उसे लेकर डीएम ने बयान जारी किया है। डीएम ने कहा कि विशेष समुदाय से जोड़कर भ्रम फैलाया गया है।

श्रीबांकेबिहारी मंदिर में रेलिंग लगाने का कार्य विशेष समुदाय के व्यक्ति द्वारा किए जाने की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबर के बाद मंदिर हाईपावर्ड कमेटी के सचिव एवं डीएम सीपी सिंह ने इसे नकार दिया है। उन्होंने उसे महज भ्रम फैलाने और कार्य में गतिरोध पैदा करने वाला करार दिया है।
श्रीबांकेबिहारी हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी के सचिव एवं डीएम सीपी सिंह ने बताया कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर की व्यवस्था के लिए सुप्रीम कोर्ट ने उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है। इसके अध्यक्ष अशोक कुमार के निर्देशन में सीएसआर फंड से श्रद्धालुओं को श्रीबांकेबिहारी के सुरक्षित दर्शन के लिए रेलिंग लगाने का कार्य चल रहा है। मेरठ की कंपनी यह कार्य दिया गया है। इस कंपनी के मालिक रंजन शर्मा हैं, जबकि श्रीबांकेबिहारी मंदिर में रोहताश शर्मा के द्वारा रेलिंग लगाने का कार्य कराया जा रहा है। कुछ लोगों द्वारा यह कार्य न हो इसके लिए भ्रम फैलाया जा रहा है।
डीम ने अपील की है कि यह ठाकुरश्री बाकेबिहारी का कार्य है, जो कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किया जा रहा है। यह कार्य पवित्र एवं व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। यह कार्य किसी गैर संप्रदाय के द्वारा किया जा रहा है कि यह बात गलत है। कंपनी में कौन पार्टनर है और कौन नहीं, इस तरह की जांच न की जाती है और ना ही यह जांच का विषय होना चाहिए। उन्होंने नकारात्मक सोच रखने वाले लोगों से रेलिंग के कार्य में सहयोग करने की अपील की है।