
अयोध्या। रामनगरी में इन दिनों आस्था का वातावरण विशेष रूप से आलोकित है। एक ओर जहां चैत्र शुक्ल नवमी पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जन्मोत्सव की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं, वहीं उससे पूर्व जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के जन्मकल्याणक का पावन उत्सव बृहस्पतिवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया।
रायगंज स्थित जैन मंदिर में चैत्र कृष्ण नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था मानो शिखर को स्पर्श करती दिखाई दी।मंदिर के पीठाधीश रवींद्रकीर्ति स्वामी के निर्देशन में सर्वप्रथम स्वर्ण पांडुकशिला पर 108 कलशों से भगवान का जन्माभिषेक किया गया। इस पावन अवसर पर आचार्य भद्रबाहुसागर, गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता और आर्यिका चंदनामती के सानिध्य में विविध धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान के मस्तक पर महाशांतिधारा कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की।