माघ मास में मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और माघी पूर्णिमा के स्नान पड़ रहे हैं। वहीं सनातन के इस पवित्र मास में 17 व्रत और त्योहार पड़ेंगे। इस महीने में स्नान दान को विशेष महत्व है। 

Ganga snan ritual during Makar Sankranti Mauni Amavasya and Maghi Purnima in Magh at varanasi

हिंदू धर्म में माघ मास की अनंत महिमा है। इस मास में भगवान श्रीविष्णु, सूर्यदेव और मां गंगा की पूजा आराधना का विशेष फल मिलता है। तीर्थों में स्नान, दान-पुण्य और आराध्य देवों की पूजा को फलदायी माना गया है। इस मास में पवित्र स्नान मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा के स्नान पड़ेंगे। स्नान तिथियों के अलावा 17 व्रत और त्योहार पड़ेंगे।

सनातनी पंचांग के अनुसार 11वां महीना माघ है। मान्यता है कि इस मास में स्नान-दान, देवी-देवता की पूजा का अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है। इस मास में माघ महीने में प्रयाग, हरिद्वार, वाराणसी, नासिक, उज्जैन जैसे पवित्र स्थानों पर स्नान-दान करने और प्रयागराज में माघ मेला में कल्पवास करने की मान्यता है। 

पंचांगों के अनुसार माघ मास की शुरुआत पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ। जबकि इस मास का पहला स्नान मकर संक्रांति 14 जनवरी को है। इसके बाद मौनी अमावस्या 18 जनवरी, वसंत पंचमी 23 जनवरी, माघी पूर्णिमा स्नान 31 जनवरी को पड़ेगा। मान्यता है कि माघ मास में सूर्यदेव की पूजा-आराधना करने से जीवन में पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। इसी माह में सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं।

ये हैं व्रत व त्योहार

माघ मास के प्रमुख व्रत और त्योहारों में संकष्ठी श्रीगणेश चतुर्थी छह जनवरी, मकर संक्रांति व पत्तिला एकादशी 14 जनवरी, तिल द्वादशी 15 को, मास शिवरात्रि व्रत 16 को, मौनी अमावस्या 18 को, गौरी तृतीया 21 को, वरद विनायक श्रीगणेश चतुर्थी 22 को, वसंत पंचमी 23 को, अचला सप्तमी 25 को, दुर्गा अष्टमी 26 को, महानंदा नवमी 27 को, जया एकादशी 29 को, भीष्म द्वादशी 22 को, प्रदोष व्रत 30 को, माघी पूर्णिमा 31 जनवरी को पड़ेगी।

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