विंध्याचल धाम में भक्तों ने दिल खोलकर दान किए। मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर की दान पेटिकाओं की गणना पूरी हुई। इस दौरान 27 दान पेटिकाओं से 51 लाख रुपये निकले।

मां विंध्यवासिनी मंदिर के दानपात्रों की गणना तीसरे दिन शुक्रवार को समाप्त हो गई। अंतिम दिन 27 दानपात्रों से कुल 51 लाख रुपये प्राप्त हुए। अंतिम दिन शुक्रवार को नायब तहसीलदार सदर गरिमा यादव की देखरेख में मां विंध्यवासिनी मंदिर प्रांगण एवं परिक्रमा पथ प्रांगण में एवं इसके अलावा काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिर में लगे 12 दानपात्र खोले गए।
श्री पंडा समाज के कार्यालय में सीसीकैमरे और अधिकारियों की निगरानी में धनराशि की गिनती शुरू हुई। 12 दानपात्रों में से 17 लाख 76 हजार 973 रुपये प्राप्त हुए। गिनती के बाद विंध्य विकास परिषद की पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के भारतीय स्टेट बैंक विंध्याचल स्थित खाते में रुपये जमा कराए गए।
तीन दिनों में मां विंध्यवासिनी मंदिर, अष्टभुजी देवी मंदिर और कालीखोह मंदिर के 27 दानपात्रों से कुल 51 लाख, 70 हजार,131 रुपये प्राप्त हुए। दानपात्रों की गिनती में विंध्य विकास परिषद के लिपिक ईश्वर दत्त त्रिपाठी, संग्रह अमीन सूरज सोनकर, विजय शंकर दुबे, हरिगेंद्र दुबे, प्रदीप दुबे, चंद्रमणि तिवारी, राकेश सोनकर, महेश सोनकर, शमशेर अली, अनिल सोनकर आदि मौजूद रहे।