कालो के काल बाबा महाकाल के दरबार में आने वाले श्रद्धालु गर्भग्रह में बाबा महाकाल के दर्शन करते हैं, लेकिन महाकालेश्वर मंदिर के कोटि तीर्थ में एक अनोखा शिवलिंग है जो सदैव जलमग्न रहता है। यहां आने वाली प्राकृतिक आव से इसका अभिषेक भी प्रतिदिन होता रहता है। महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित राम शर्मा ने बताया कि यह शिवलिंग कुंड के तल में स्थित है और इसके दर्शन प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि से पहले कुंड की सफाई के दौरान किए जाते हैं। पंडित राम शर्मा ने कहा कि कोटि तीर्थ दुर्लभ शैली से बना है और यहां भगवान हनुमान जी ने राम राज्याभिषेक के समय जल प्रवाहित किया था। बाबा महाकाल की प्रतिदिन होने वाली आरती के समय इसी जल से भगवान का अभिषेक किया जाता है।

हनुमान जी की प्रतिमा से श्रद्धालुओं को जानकारी

मंदिर आने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं को इस शिवलिंग के बारे में जानकारी नहीं होती। इसलिए पुजारी परिवार और श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति ने कोटि तीर्थ पर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की है, ताकि सभी श्रद्धालु जान सकें कि यह जल हनुमान जी द्वारा प्रवाहित किया गया था।

24 घंटे चलता है प्राकृतिक जल का अभिषेक

बताया जाता है कि यह शिवलिंग कोटि तीर्थ के तल में सदैव जलमग्न रहता है और प्राकृतिक आव के कारण इसका अभिषेक निरंतर होता रहता है। मंदिर में कुंड की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। कुंड में मछलियां भी छोड़ी जाती हैं ताकि पानी स्वच्छ रहे और किसी प्रकार की गंदगी न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand