शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी का अहम बयान सामने आया है। रवींद्र पुरी ने कहा कि माघ मेले में कोई शाही स्नान नहीं होता है। ऐसे में अविमुक्तेश्वरानंद बेवजह जिद कर रहे हैं। यह भी कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी के खिलाफ जो आपत्ति जनक टिप्पणी की है वह गलत है। ऐसा उन्हें नहीं बोलना चाहिए।

मेला स्थित विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के शिविर में आयोजित संत सम्मेलन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सीएम योगी पर निजी टिप्पणी करना सर्वथा अनुचित है।
मौनी अमावस्या पर करोड़ों की भीड़ को संभालना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से शंकराचार्य को रोका तो उन्हें हठधर्मिता के बजाय मामला संवाद से सुलझाना चाहिए था।
रवींद्र पुरी ने शंकराचार्य द्वारा स्नान की जिद और उनके समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन पर सीधी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके भीतर अहंकार बहुत अधिक है। शंकराचार्य को यह समझना चाहिए कि माघ मेला कोई शाही स्नान का आयोजन नहीं है, बल्कि यह साधना का पर्व है।
करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है लेकिन वह केवल जिद पर अड़े हैं। विवाद के दौरान पुलिस द्वारा बटुकों एवं कुछ संतों के साथ की गई बदसलूकी पर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने गंभीर रुख अपनाया।
उन्होंने कहा कि बटुकों को पीटने वाले मुख्यमंत्री नहीं थे, बल्कि ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिस अधिकारी थे। यह घटना निंदनीय है। अखाड़ा परिषद इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दोषी पुलिसकर्मियों और अफसरों पर कार्रवाई की मांग करेगा।