पौष पूर्णिमा स्नान के साथ माघ मास के शुभ फलदायी स्नान पर्वों की शुरुआत हो गई। हिंदू धर्म में माघ मास का स्नान-दान का विशेष महत्व है। 3 जनवरी से 15 फरवरी तक माघ मेला और स्नान दान का दौर चलता है। इस मास में स्नान का विशेष महत्व बताया गया। इसमें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। धर्मनगरी हरिद्वार में स्नान दान करने के लिए कई राज्यों से लोग शनिवार को पहुंचे। सुबह अंधेरे और कोहरे के बीच कंपकपाती ठंड भी आस्था के आगे कमजोर दिखी। लोगों ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। हरकी पैड़ी समेत लगभग सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। लोगों ने पहले स्नान कर घाट पर ही दान आदि किया। इसके बाद पंचपुरी हरिद्वार के विभिन्न शक्तिपीठों और शिवालय देवालयों में पहुंचकर देव दर्शन किए। पूजन अर्चन के बीच पूरा दिन गुजरा।