गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कहा है कि 1947 में भारत का विभाजन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की देन है। नई झूंसी स्थित शिवगंगा आश्रम में अपने प्रवास के दूसरे दिन रविवार को पत्र प्रतिनिधियों के प्रश्न पर उन्होंने धार्मिक उन्माद पर तल्ख टिप्पणी की।

गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कहा है कि 1947 में भारत का विभाजन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की देन है। नई झूंसी स्थित शिवगंगा आश्रम में अपने प्रवास के दूसरे दिन रविवार को पत्र प्रतिनिधियों के प्रश्न पर उन्होंने धार्मिक उन्माद पर तल्ख टिप्पणी की। कहा कि महात्मा गांधी ने पहले धर्म के आधार पर देश का बंटवारा कराया और जब मुसलमान यहां से पाकिस्तान जाने लगे तो उन्हें रोकने के लिए आचार्य कृपलानी को लगा दिया।
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि वर्तमान में छद्म नेताओं की ओर से देश और प्रदेश में ऐसा वातावरण बनाया जा रहा है कि अगर योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री न हो तो यहीं पर गृह युद्ध जैसे हालात पैदा हो जाएं। पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने उत्तराखंड के चार धाम क्षेत्र में मुसलमानों के प्रवेश प्रतिबंध प्रस्ताव के सवाल पर कहा कि पवित्र गंगोत्री और यमुनोत्री नदियों में स्नान के लिए सभी अधिकृत हैं।
रमजान के महीने में काशी में नाव में बैठकर इफ्तार करने और मांस खाने के बाद उसका अपशिष्ट नदी में फेंकने पर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि अच्छा होता ऐसे विधर्मियों की नाव ही डूब जाती। इस मौके पर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद के निजी सचिव स्वामी निर्विकल्पानंद, हृषिकेश ब्रह्मचारी और प्रफुल्ल चैतन्य ब्रह्मचारी आदि मौजूद रहे।