पुण्य की गठरी के साथ पिपिया में गंगाजल भरकर कल्पवासी घर वापसी करने लगे हैं। मकर संक्रांति के दिन मेला आए कल्पवासी त्रिजटा स्नान के बाद घर लौटेंगे। 15 को महाशिवरात्रि का अंतिम स्नान पर्व है।

Devotees have started returning home final bathing ritual of Mahashivratri on the 15th magh mela 2026

प्रयागराज में माघ मेले के पांचवें स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर कल्पवास का संकल्प पूरा करने के लिए गंगा-त्रिवेणी संगम स्नान किया। पुण्य की डुबकी लगाकर कल्पवासी रविवार से ही रेणुका प्रसाद ले विदा होने लगे। स्नान करने वाले श्रद्धालु पुण्य की गठरी समेटे पिपिया में गंगाजल भरकर घर वापसी करते रहे। 

वहीं, मकर संक्रांति से मेला क्षेत्र में आए श्रद्धालु सोमवार को परीवा तिथि की वजह से मेले में रुकेंगे। त्रिजटा स्नान कर तीन फरवरी से वापसी करेंगे। मेले का अंतिम स्नान पर्व 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का होगा।

संत भी शिविरों से मठों होंगे रवाना
माघ मेला क्षेत्र में संतों के शिविरों और पंडालों में अभी तक भजन-कीर्तन, प्रवचन, हवन, श्रीमद्भागवत और रामचरितमानस की गूंज थी। कहीं राम तो कहीं भागवत कथा में श्रद्धालु जुटते रहे। अब माधी पूर्णिमा स्नान के बाद अब संत-महात्मा भी अगले माघ मास में मिलने के वादे के साथ संगम की रेती से विदा लेकर मठों के लिए रवाना होंगे।।

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